Bus mai Chodai

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Bus mai Chodai

Postby Shrama1411 » Tue Aug 30, 2011 10:57 pm

एक बार मैं काम के सिलसिले में बाड़मेर से जयपुर जा रहा था। मैने एक स्लीपर बस में टिकट बुक कराई थी। मुझे बस में डबल वाली सीट मिली थी। मैंने सोचा पता नहीं कौन आयेगा मेरे साथ ! मगर जब बस चलने लगी तब तक कोई भी नहीं आया तो मैं सो गया और मुझे नींद आ गई। अचानक मेरी नींद खुली मुझे ऐसा लगा कि शायद कोई चीज़ बस से टकरा गई है लेकिन जब मैंने देखा तो पता चला कि कन्डक्टर ने स्लीपर का दरवाजा खोला है। तब जोधपुर आ गया था और बस स्टेशन पर बस रुक गई थी।
तभी एक आदमी आया और मुझसे पूछा कि क्या यहाँ पर एक और सो सकता है?
मैंने कहा- हाँ !
वो चला गया, थोड़ी देर में बस भी रवाना हो गई। मैं भी स्लीपर में सो गया। मुझे नींद तो आ नहीं रही थी सो मैंने अपने मोबाईल में सेक्सी विडियो क्लिप्स चालू कर ली और आवाज़ कम कर दी ताकि किसी को आवाज़ न जाये।
तभी एक औरत जो कि कोई 30-35 साल की होगी, वो मेरे साथ स्लीपर में आ गई और वो मेरे साथ बैठ गई। फिर उसने अपना मोबाईल निकला और शायद अपने पति से बात करने लगी, थोड़ी देर में फोन काट कर बंद कर दिया और मुझसे बातें करने लगी। उसने मुझसे मेरे काम के बारे में पूछा तो मैंने उसे बताया कि मेरा अन्डरगारमेंट का काम है। फिर थोड़ी देर इधर-उधर की बात करने लगी। वैसे वो देखने में सुंदर और गोरी चिट्टी थी।
थोड़ी देर के बाद मुझे नींद आने लगी और मैं बोला- मुझे सोना है !
और मैं अपना कम्बल ले कर सो गया। वो भी मेरे साथ लेट गई।
मैं सोच रहा था कि इतना अच्छा मौका हैं, एक तो स्लीपर बस और उपर से एक सुंदर औरत जो मेरे साथ ही लेटी हुई है !
मैं बस अपने लण्ड को पकड़ के लेटा था, कुछ कर नहीं पा रहा था, क्योंकि मुझे डर था कि यह कुछ कह न दे ! और मैं ऐसे ही लेटा रहा और अपने मोबाईल पर क्लिप्स देखने लग गया। वो अभी भी जग रही थी, उसे नींद नहीं आ रही थी तो उसने पूछा- क्या कर रहे हो?
मैंने कहा- कुछ नहीं ! मैं तो बस अपनी ही वीडियो रिकॉर्ड देख रहा हूँ।
शायद उसे आवाज़ सुनाई दे गई थी और उसने मुझसे मेरा मोबाईल मांग कर कहा- मुझे भी दिखाओ !
मैंने मना किया- क्या करोगी देख कर ! ख़राब है !
तभी उसने अचानक मेरे हाथ से मेरा मोबाईल छीन लिया और देखने लगी, फिर मुझे कहने लगी- जो मज़ा ये करने में है, वो देखने में नहीं !
मैं तो सकपका गया और उससे बोला- आप यह क्या कह रही हैं?
उसने कहा- जब भगवान ने हमें ऐसी चीजें दी है तो उन्हें काम में भी तो लेना चाहिए न ! वरना कई चीजें पड़ी पड़ी सड़ जाती हैं।
उसकी बात में दम तो था मगर मैंने बात को टालते हुए सोने के लिए कहा। फिर हम दोनों सो गए करीब कोई एक घंटे के बाद मुझे लगा कि मेरी गांड पर कुछ लग रहा है। मैंने ध्यान किया तो उसका घुटना मेरी गांड से लग रहा था और बस के झटकों की वजह से मेरी गांड में लग रहा था। तभी मुझे लगा कि शायद यह जानबूझ कर कर रही है। तो मैंने यह जानने के लिए उसकी तरफ मुँह कर लिया और अब उसका पैर मेरे लंड पर लगने लगा जो कि एकदम खड़ा हुआ था। मुझे मजा आने लगा। पर धीरे-धीरे मुझे लगा कि कुछ और भी मेरे लण्ड पर लग रहा है। मैंने हाथ लगाकर देखा तो उस औरत का हाथ था जो मेरा लण्ड सहला रही थी। जैसे ही मैंने उसका हाथ पकड़ा तो उसने मेरा लंड जोर से पकड़ लिया और दबाने लगी।
तब मैंने उसे बताया- मैं एक काल बॉय हूँ !
उसने मेरे मुँह पर हाथ रख दिया और कहा- मैं तुम्हें उम्मीद से ज्यादा दूंगी ! लेकिन जो मैं कहूँ, वैसा तुम्हें करना पड़ेगा !
अब मैं कुछ नहीं कह सका, अपना हाथ हटा लिया, उसकी साड़ी पर हाथ लगाने लगा और धीरे धीरे उसकी चूत की तरफ बढ़ने लगा, उसकी चूत पर ऊपर से ही हाथ फिराने लगा। फिर वो मेरे और पास सरक आई और मुझे चूमने लगी।
मुझे बहुत मजा आ रहा था। हम लोगों ने कोई 20 मिनट चूमा-चाटी करने के बाद बस के परदे इस ढंग से लगा दिए ताकि कोई देखे नहीं ! वैसे तो स्लीपर में सुविधा अच्छी होती है पर हम बेफिक्र होना चाहते थे।
इतना करने के बाद वो मेरा लंड पैन्ट में से निकाल कर चूसने लगी और उसने अपनी साड़ी और पेटीकोट भी उतार दी। अब वो सिर्फ चड़डी और ब्रा में थी। मैंने भी अपने कपड़े उतार दिए और अब मैं सिर्फ चड्डी में था। उसने एकदम से मेरी चड्डी उतार दी और मेरा लंड चूसने लगी।
फिर मुझे बोली- तुम भी मेरी चूत चाटो !
तो मैंने उसे कहा- पहले इसे अच्छी तरह से साफ़ तो कर लो !
उसने पहले मेरी बोतल से पानी लगाया और अपने पेटीकोट से साफ़ कर लिया। वैसे तो मैं भी बेताब था चूत चाटने के लिए और फिर मैंने उसकी ब्रा और चड्डी भी उतार दी। वो एक दम नंगी हो गई थी। मैंने तो पहली बार किसी को नंगा देखा था। मैं तो बस पागल हो रहा था और उसको चूमने लगा। फिर हम दोनों 69 की अवस्था में आ गये।
कोई 15 -20 मिनट तक चाटने के बाद वो बोली- अब मुझे शांत कर दो !
मैंने पूछा- कैसे?
तो बोली- अपना लंड मेरी चूत में डाल दो !
उसने मुझे अपने ऊपर लिटा लिया और मैं अपना लंड उसकी चूत में डालने लगा तो लंड ढंग से नहीं जा पा रहा था। उसने हाथ से लण्ड को पकड़ा और अपनी चूत पर रखकर बोली- अब करो !
मैंने जैसे ही झटका मारा तो थोड़ा सा ही लंड अंदर गया क्योंकि उसकी चूत बहुत तंग थी। फिर मैं धीरे धीरे डालने लगा और जब लंड पूरा घुस गया तो मैं झटके मारने लगा। मेरे झटके और बस के झटकों से हम दोनों को अलग ही मजा आ रहा था। 40-45 झटकों के बाद वो झड़ने लगी तो उसने मुझे बहुत जोर से पकड़ लिया और अपने अंदर समेटने की कोशिश करने लगी। पर मेरा अभी झड़ा नहीं था तो मैंने उसकी चूत से लंड नही निकाला और तेज-तेज करने लगा। फिर 10-12 झटकों के बाद मैं भी झड़ गया और उसके ऊपर ही लेटा रहा और उसको चूमता रहा।
इस तरह हमने पूरी रात तीन बार चुदाई की।
जब मैंने अपने मोबाईल में समय देखा तो उस वक़्त 5.30 हो रहे थे यानि सुबह हो गई थी और हम लोग जयपुर पहुँचने ही वाले थे।
मैंने उसे कहा- चलो, अब कपड़े पहन लो ! अब हमारी जुदाई का समय आ गया है !
फिर हम दोनों जयपुर में सिन्धी कैंप बस अड्डे पर उतर गए! जब मैंने उसकी आँखों में देखा तो एक अजीब सी कशिश उसकी आँखों में थी और साथ में आंसू भी !
फिर हम दोनों बस अड्डे से बाहर आये और चाय पीने बैठ गए।
उसने अपना मोबाईल निकल कर चालू किया और अपने भाई को फोन लगाया और कहा- मेरी बस अभी लगभग एक घंटा देरी से चल रही है और मैं अपनी एक सहेली के साथ हूँ जो मुझे बस में ही मिली है, वो ऑस्ट्रेलिया में रहती है तो मैं दो दिन उसी के साथ में रहूँगी, फिर घर आऊँगी।
तो उसके भाई ने उसे इजाजत दे दी।
उसके बाद क्या हुआ हम दोनों कहाँ गए, उसने किस सहेली के बारे में बात की, वो में आपको अगली कहानी में बताऊंगा !
तो दोस्तो, कैसी लगी मेरी कहानी???

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Shrama1411
 
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Re: Bus mai Chodai

Postby shubha » Tue Dec 06, 2011 8:49 am

I loved the story, bahot maza aaya. Aur bhi likho. Even I would like to get fucked in the bus. OK. Shubha

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shubha
 
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Re: Bus mai Chodai

Postby URGR8FRND » Tue Jan 24, 2012 1:08 am

shubha wrote:I loved the story, bahot maza aaya. Aur bhi likho. Even I would like to get fucked in the bus. OK. Shubha



Hey Shubha,

I would like to join you in bus. Let me know ;)

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Re: Bus mai Chodai

Postby Everydayupdate » Wed Feb 01, 2012 7:48 pm

This is purely fiction and just a imagination.No aunty will do like that with strangers. Here is my real story listen..............

I was on trip to my mother-in-laws house in a bus. All seats were filled with passengers, I was sitting in front third row. Beside me there was place for one more person. A working women of 28 to 32 years age was standing beside me but hesitating to occupy the seat. One of the elderly women asked her to occupy the place. She sat beside me. When she sat by me her soft fluffy thighs touched my thighs. Her nice soft thighs bounced on my legs to the bumps in the bus. Slowly I looked to wards her. I found her boobs are big and she is in saree. The wind from the window opened her saree to let see her boobs in blouse. We were going in bus after sometime she leaned on front seat to take rest. After some time the driver switched off the lights. In that darkness I slowly tried to touch her boobs . She didnt moved. I got little courage and I became horny my lund stood up. Slowly I tried to touch her boobs again, due to sudden bus bump my hand almost touched her boobs fully. She did not moved.

I moved closer to her and gently placed my fingers on her left breast and moved gently. She too came close to me. I catched her boobs and enjoyed pressing her nicely till the destination. When bus entered city, lights were on, we sat properly. She got off the bus after sometime.

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Everydayupdate
 
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